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30 आतंकियों ने अकेले गोरखा जवान दीपप्रसाद को घेरा.. उनके बाद वो 30 आतंकी कभी उठ नहीं पाए

30 A tank is surrounded by the Gorkha Jawan Deepprasad alone. After them, they could never wake up 30.




पोस्ट नाम -- 30 आतंकियों ने अकेले गोरखा जवान दीपप्रसाद को घेरा.. उनके बाद वो 30 आतंकी कभी उठ नहीं पाए

पोस्ट तारीख -- 24 जुलाई 2019

पोस्ट डिटेल्स -- 30 आतंकियों ने अकेले गोरखा जवान दीपप्रसाद को घेरा और आज पूरी दुनिया में  आतंकवादियों ने हथियार के दम पर भय का माहौल बना रखा है और देश के सैनिक व सुरक्षा बल ने अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की रक्षा कर रहे है और कुछ विषम परिस्थितियों में अकेला सैनिक इनके बिच में  फंस जाता है और इस जाबाज सैनिक ने अपनी हार नहीं मानी और अकेले सैनिक ने 30 आतंकियों को ढेर कर दिया है और जब सितम्बर 2010 में दीपप्रसाद अपनी चौकी पर अकेले ही तैनात थे

30 A tank is surrounded by the Gorkha Jawan Deepprasad alone. After them, they could never wake up 30.

तालिबानी आतंकियों ने चौकी को चारो तरफ से घेर लिया था और सैनिक को  पता चला की वो चारो तरफ से घिर चुके है और वह सैनिक बिलकुल भी नहीं घबराये और अकेले ने ही सारा मोर्चा संभाल लिया और सैनिक पर हमला कर दिया था और 17 ग्रेनेड फैंके और ग्रेनेड ख़त्म होने पर रायफल से आतंकियों पर गोलियों की बोछार कर दी। जब तक उनकी मदद के लिये बाकि सेना पहुंची तब तक वे अकेले ही 30 तालिबानी आतंकियों को ढेर कर चुके थे


जवान को  कॉन्सपिक्युअस गैलेंट्री क्रॉस पुरस्कार से सम्मानित किया :


महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उस सैनिक की बहादुरी के लिए बकिंघम पैलेस में एक समारोह के दौरान कॉन्सपिक्युअस गैलेंट्री क्रॉस पुरस्कार से सम्मानित किया और समारहो में उस सैनिक ने कहा की मुझे चारो और से घेर लिया था और में समज चूका था आज तो में मारा जाना तय है और सैनिक ने सोचा जितने ज्यादा लोगों को मार सकूंगा मारकर ही मरूंगा और तालिबानी लड़ाकू गार्ड हाउस से सटे टावर से चढ़ने की कोसिस कर रहा है और मेने उस मैंने उस लड़ाकू को वहां से हटाने में कामयाबी हासिल तो कर लिया था लेकिन तभी मरे हथियार ने मुझे दोखा दे दिया था और उसी टाइम में मैनेमशीनगन का ट्राईपॉड उठाकर तालिबानी के चेहरे पर दे मारा और जिसे वह आतंकवादि बिल्डिंग की ज़मीन पर गिर गया था और सैनिकों का अपने साहस और निर्भीकता के चलते पूरी दुनिया में एक ख़ास रूतबा हासिल कर लिया था और सैनिक ने 15 मिनट से ज्यादा समय tk  एके-47 से ताबड़तोड़ हमले किए थे।दीप ने भी आतंकियों पर कई राउंड फायरिंग की,कई ग्रेनेड भी फेंके और जब ग्रेनेड ख़त्म हुए तो रायफल से आ’तंकियों पर गोलियों की बौछार करनी पड़ी




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30 आतंकियों ने अकेले गोरखा जवान दीपप्रसाद को घेरा.. उनके बाद वो 30 आतंकी कभी उठ नहीं पाए 30 आतंकियों ने अकेले गोरखा जवान दीपप्रसाद को घेरा.. उनके बाद वो 30 आतंकी कभी उठ नहीं पाए Reviewed by Health Gyan on July 26, 2019 Rating: 5
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